राज्य एकीकृत संचार एवं नियंत्रण प्रणाली को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिये सर्वप्रथम त्रुटि रहित एवं अद्यतन डेटाबेस की आवश्यकता होगी। अत: इस प्रणाली के जिला मॉड्यूल में सभी जिलों को प्रशासनिक मोबाइल यूनिटस, मेडिकल मोबाइल यूनिटस तथा रैपिड रिस्पॉन्स टीम के सदस्यों की जानकारी मय फोन नम्बर तत्काल अपलोड करनी होंगी। समस्त नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित जानकारी तत्काल अपलोड कर दी जाए तथा उक्त जानकारी को निरंतर अद्यतन एवं शुद्ध बनाये रखा जाए। इसी प्रकार, जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य, अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों, डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ का डेटाबेस भी अद्यतन कर अपलोड किया जाए। इस प्रणाली के अंतर्गत कोरोना संक्रमण से बचाव के कार्य में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जानकारी मय दूरभाष नम्बर भी अपलोड की जाए। ताकि अंतर-विभागीय समन्वय सुगमतापूर्वक हो सके।
प्रत्येक जिले में राज्य एकीकृत संचार एवं नियंत्रण प्रणाली की भांति जिला एकीकृत संचार एवं नियंत्रण प्रणाली की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के जिन 7 जिलों में स्मार्ट सिटी परियोजना संचालित है, उन जिलों में स्मार्ट सिटी के एकीकृत कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर को ही अस्थायी रूप से कोरोना के लिये जिला एकीकृत संचार एवं नियंत्रण प्रणाली के रूप में उपयोग किया जाएगा। शेष जिलों में नगर निगम अथवा जिला स्तर पर उपलब्ध अन्य समरूप प्रणाली जैसे - आर.सी.बी.सी. आई.टी. प्रशिक्षण केन्द्र आदि का उपयोग कर संचार एवं नियंत्रण प्रणाली स्थापित की जाएगी। कॉल सेंटर में इनकमिंग एवं आउटगोईंग, दोनों प्रकार के कॉल्स की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के ई- दक्ष कॉल सेंटर का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
जिला एकीकृत संचार एवं नियंत्रण प्रणाली में स्थानी संसाधनों का उपयोग कर दूरभाष, मोबाइल, इंटरनेट, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स, सुरक्षित एवं प्रमाणित ऐप्स, वीडियो कॉलिंग आदि स्थानीय रूप से उपलब्ध आधुनिक संचार साधनों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इस कार्य में जिला ई-गवर्नेन्स मैनेजर्स तथा एन.आई.सी. के विशेषज्ञ अधिकारियों का उपयोग किया जाएगा। प्रणाली के जिला स्तर पर बेहतर प्रबंधन के लिये नोडल अधिकारी की सहायता के लिये योग्य अधिकारियों को सहयोगी अधिकारी के रूप में तैनात किया जाएगा। इस प्रणाली में आवश्यक स्थानीय तौर पर उपलब्ध अन्य विभागों के योग्य मानव संसाधन को कर्तव्यस्थ किया जाएगा। त्वरित संपर्क, त्वरित संवाद, त्वरित सलाह, त्वरित प्रतिक्रिया एवं त्वरित कार्यवाही ही इस प्रणाली की सफलता का मुख्य आधार है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस प्रणाली में किसी भी स्तर पर प्रतिक्रिया देने अथवा कार्यवाही करने में किसी भी प्रकार का विलम्ब नहीं हों।
सम्पूर्ण प्रक्रिया में प्रणाली के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजेटिव पाया जाने की स्थिति निर्मित होती है तो ऐसे प्रकरण में उस व्यक्ति के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग संबंधी सम्पूर्ण कार्यवाही केन्द्रीयकृत रूप से मॉनिटर की जायेगी। जिला नोडल अधिकारी ऐसे प्रकरणों में व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे। प्रणाली के माध्यम से आने वाले कॉल्स की प्रकृति के अनुरूप प्रतिदिन डेटा विश्लेषण किया जायेगा। इसके लिये राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विभाग एवं लोक सेवा प्रबंधन विभाग के विशेषज्ञ डेटा विश्लेषक कार्य करेंगे। प्रतिदिन आने वाले कॉल्स का एक संक्षिप्त डेशबोर्ड तैयार कर सर्वसंबंधितों को नियमित रूप से दिन में दो बार भेजा जायेगा।